Saturday, December 19, 2020
Saturday, December 12, 2020
अब महिलाओं के लिए भी वियाग्रा
अब महिलाएं भी अपने लिए सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवा वियाग्रा खरीद पाएंगी. इस दवा का नाम लायब्रिडो है और यह महिलाओं में सेक्स के प्रति इच्छाशक्ति बढ़ाने में मदद करेगी. अब तक यह दवा पुरुषों के लिए ही उपलब्ध थी.
इस दवा को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि यह शारिरिक इच्छा के साथ-साथ मानसिक रूप से भी महिलाओं को सेक्स के लिए प्रेरित करेगी. दवा के परीक्षण से वैज्ञानित काफी उत्साहित हैं और इसके तीन साल यानी 2016 तक बाजार में आ जाने की उम्मीद है.
हर साल करीब 1.5 अरब पौंड वियाग्रा की बिक्री होती है, जिसका सेवन पुरुष करते हैं. वैज्ञानिकों ने महिलाओं के लिए भी कई बार यह दवा बनानी चाही, लेकिन वे नाकाम रहे. पिछले कई सारे प्रयोग असफल हो चुके हैं. दरअसल, सेक्स के लिए महिलाओं को न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी सहमत होना जरूरी होता है.
वैज्ञानिकों का दावा है कि इस दवा का सेवन करने के बाद महिलाएं शारीरिक इच्छा के साथ-साथ मानसिक रूप से भी सेक्स के लिए प्रेरित होंगी. कहा जा रहा है कि सेक्स करने से तीन या साढ़े तीन घंटे पहले इस दवा को लेना होगा.
एस्प्रिन से भी छोटी वियाग्रा जैसी इस दवा के चारों ओर मिंट की कोटिंग की गई है. इस कोटिंग के पिघलते ही टैबलेट शरीर के भीतर चली जाती है.
गौरतलब है कि वियाग्रा खाने से पुरुषों के शरीर में उत्तेजना होती है, जबकि महिलाओं की यह नई दवा शरीर के साथ मस्तिष्क की उन कोशिकाओं को भी जगाएगी, जो सेक्स की इच्छा को बढ़ाती हैं. इस दवा को लेने के बाद मस्तिष्क में उन केमिकल्स का बनना और अधिक तेजी से शुरू हो जाता है जो किसी की ओर आर्कषित होने मदद करता है.
Friday, December 11, 2020
पहली बार सेक्स में न करें ये गलतियां
इन बातों का ध्यान जरूर रखें, भले सेक्स पहली बार हो या...
दोस्तों की नहीं दिल-दिमाग की सुनें
अगर आप की शादी नहीं हुई है और आप गर्लफ्रेंड या किसी लड़की के साथ पहली बार सेक्सुअल रिलेशनशिप में जाने की सोच कर रहे हैं तो यह तय कर लीजिए कि इसके पीछे आपकी इच्छाएं क्या हैं। ऐसा तो नहीं कि सिर्फ दोस्तों के कहने पर या उनपर इंप्रेशन जमाने के लिए आप यह कर रहे हैं। ऐसे में न तो आपकी रिलेशनशिप लंबी चलेगी और न ही आपको ऐसे संबंध कोई खास खुशी मिलेगी। हो सकता है बाद में आप इसे रिग्रेट भी करें। फैसला लेते वक्त अपने दिलोदिमाग की सुनें।
सुरक्षा का ध्यान रखें
सेक्स पहली बार हो या कई बार, असुरक्षित संबंध बनाना कभी अच्छा नहीं होता। अगर आप पत्नी के साथ भी सेक्स कर रहे हैं और परिवार बढ़ाने की कोशिश नहीं कर रहे तो सुरक्षा जरूर रखें। कैजुअल रिलेशनशिप में तो सेफ्टी रखना सबसे जरूरी है। इससे आप प्रेग्नेंसी से लेकर सेक्सुअली ट्रांसमिटेड बीमारियों जैसी समस्याओं से बचे रहेंगे।
तैयार रहें
पहली बार सेक्स किसी के लिए भी बड़ी बात है। ऐसे में इसके लिए तैयारी भी करनी चाहिए। आपको सेक्स से जुड़ी बातों, समस्याओं, प्रक्रियाओं और अपॉजिट सेक्स के अंगों और जरूरतों के बारे में पढ़ना चाहिए। हां, जानकारी जुटाते वक्त किसी भरोसेमंद स्रोत का इस्तेमाल करें क्योंकि कई भटकाने वाली जानकारियां भी मिलती हैं।
हीरो या पोर्न स्टार न बनें
हर किसी की इच्छा होती है कि आप सामने वाले को अपने सेक्सी मूव्स से दीवाना बना दें। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप किसी हीरो या पोर्न स्टार की तरह करने लगें। पहली बार बेसिक्स पर ध्यान दें। ऐसा न हो कि आप जरूरत से ज्यादा कोशिश करें और आपका पार्टनर इससे घबरा जाए।
बहुत उम्मीद न रखें
आपने सेक्स के बारे में बहुत कुछ सुन रखा होगा। ये बातें सही भी हैं लेकिन यह जरूरी नहीं कि पहली बार सेक्स वैसा ही जैसा आपने कहानियों में पढ़ा, फिल्मों में देखा या किसी से मुंह सुना हो। मन में अति उम्मीदें न रखें, जो भी हो उसे इंजॉय करें। ये भी हो सकता है आपको दर्द का अनुभव हो। घबराएं नहीं। अगली बार चीजें बेहतर होंगी।
अपने शरीर के बारे में कंफर्टेबल रहें
पहली बार सेक्स करते वक्त मन में यह डर अक्सर रहता है कि आपका शरीर आपके साथी को पसंद नहीं आएगा। इसके बारे में ज्यादा सोचने से आप सेक्स को इंडॉय नहीं कर पाएंगे। हम सब में कमियां होती हैं। अगर आप खुद की बॉडी से प्यार करते हैंतो सामने वाला भी करेगा। आत्मविश्वास बनाएं रखें।
अविश्वसनीय है मंदिर का रहस्य , 400 साल पुराने मंदिर में आज भी भगवान करते है बाते !!!
भले ही हम वैज्ञानिक युग में जी रहे है परन्तु आज भी ऐसे कई रहस्य छुपे है जिन्हे विज्ञान भी सुलझा नहीं पाया। कई ऐसी चमत्कारी घटनाए होती है जो इंसान के समझ से बहार है। ऐसे में किसी के लिए यह रहस्य की बात है तो किसी के लिए भगवान की लीला।
हम यहाँ आपको ऐसे धार्मिक स्थल के बारे में बता रहे है जिससे जुड़ा रहस्य अविश्वसनीय है और इस रहस्य को समझने में विज्ञान भी पीछे रह गया है। यहाँ होने वाली इस अद्भुत घटना के कई साक्षी है परन्तु जो वो सुन सकते है उसे समझाना और प्रामिनित कर पाना शायद उनके वश की बात नहीं है।
जी हां राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर बिहार में स्तिथ है। इस मंदिर में जो मूर्तियों से बोलने की आवाज़ आती है। ऐसा लगता है की वो आपस में बाते कर रही हो। जब लोग आधी रात में उधर से गुज़रते है तब उन्हें आवाज़े सुनाई देती है। लोगो ने पहले इसे वहम माना था लेकिन जब वैज्ञानिको द्वारा रिसर्च हुई तो उन्हें भी इस घटना का विश्वास करना पड़ा।
वैज्ञानिको के अनुसार इस मंदिर के परिसर में शब्द गूंजते रहते है। वैज्ञानिको की एक टीम ने रिसर्च करने के बाद कहा की आवाज़ किसी व्यक्ति की नहीं है। उनका यह मानना है की यहाँ कुछ तो अजीब घटना है जिसके कारण यह आवाज़े सुनाई देती है।
उनका ऐसा मानना है की मंदिर की बनावट के कारण यहाँ शब्द गूंजते रहते है। यह उनका अनुमान है की जो लोग दिन में बाते करते है वो शब्द वह रात में गूंजते है। लोगो का यह मान्यता है की तांत्रिकम शक्तियों के कारण यहाँ की देवियाँ जाग्रत है।
यह मंदिर करीबन 400 साल पुराना है। इस मंदिर की स्थापना एक तांत्रिक भवानी मिश्र ने की थी और उनके ही वंशज आज भी इस मंदिर के पुजारी बनते आए है। मंदिर तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है की यहाँ साधको की हर मनोकामना पूरी होती है।
एक दिन में दो बार गायब हो जाता है यह मंदिर
गुजरात में वडोदरा से 85 km दूर जंबूसर तहसील के कावी-कंबोई गांव का यह मंदिर स्तंभेश्वर नाम से प्रसिद्द है यह मंदिर दिन में दो बार सुबह और शाम को पल भर के लिए ओझल हो जाता है और कुछ देर बाद उसी जगह पर वापस भी आ जाता है। ऐसा ज्वारभाटा उठने के कारण होता है। इसके चलते आप मंदिर के शिवलिंग के दर्शन तभी कर सकते हैं, जब समुद्र में ज्वार कम हो। ज्वार के समय शिवलिंग पूरी तरह से जलमग्न हो जाता है और मंदिर तक कोई नहीं पहुंच सकता। यह प्रक्रिया सदियों से चली आ रही है।मंदिर अरब सागर के बीच कैम्बे तट पर स्थित है। इस तीर्थ का उल्लेख ‘श्री महाशिवपुराण’ में भी मिलता है।
इस तीर्थ की प्रचिलित कथा कुछ इस प्रकार है की राक्षक ताड़कासुर ने अपनी कठोर तपस्या से शिव को प्रसन्न कर लिया था। जब शिव उसके सामने प्रकट हुए तो उसने वरदान मांगा कि उसे सिर्फ शिव जी का पुत्र ही मार सकेगा और वह भी छह दिन की आयु का। शिव ने उसे यह वरदान दे दिया था। वरदान मिलते ही ताड़कासुर ने हाहाकार मचाना शुरू कर दिया। देवताओं और ऋषि-मुनियों को आतंकित कर दिया। अंतत: देवता महादेव की शरण में पहुंचे। शिव-शक्ति से श्वेत पर्वत के कुंड में उत्पन्न हुए शिव पुत्र कार्तिकेय के 6 मस्तिष्क, चार आंख, बारह हाथ थे। कार्तिकेय ने ही मात्र 6 दिन की आयु में ताड़कासुर का वध किया।
जब कार्तिकेय को पता चला कि ताड़कासुर भगवान शंकर का भक्त था, तो वे काफी व्यथित हुए। फिर भगवान विष्णु ने कार्तिकेय से कहा कि वे वधस्थल पर शिवालय बनवा दें। इससे उनका मन शांत होगा। भगवान कार्तिकेय ने ऐसा ही किया। फिर सभी देवताओं ने मिलकर महिसागर संगम तीर्थ पर विश्वनंदक स्तंभ की स्थापना की, जिसे आज स्तंभेश्वर तीर्थ के नाम से जाना जाता है।
Thursday, December 10, 2020
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